Sanskrit Mein Mahinon Ke Naam | संस्कृत में महीनों के नाम

Mahinon ke naam sanskrit mein: क्या आप यह जानते हैं की माह (महीना) को संस्कृत में क्या कहते हैं। वैसे तो कई लोग हिंदी में महीनों के नाम भी जानते होंगे। लेकिन वे महीनों के नाम संस्कृत में नही जानते होंगे।

नमस्कार दोस्तों! Hindigkonline में आपका स्वागत है। आज हम संस्कृत में महीनों के नाम के बारे मे पढेंगे।

यहां पर हमने 12 mahino ke naam sanskrit mein शेयर किया है इसके अलावा हिंदी के साथ अंग्रेजी में भी शेयर किये है। सबसे पहले हम अंग्रेजी और हिंदी नाम को समझ लेते हैं। 

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Sanskrit Mein Mahinon Ke Naam | 12 महीनों के नाम संस्कृत में

जब कभी भी कोई पूछता है कि साल में कौन से महीने होते हैं नाम बताओ, तो हम सभी 12 महीनो के नाम जैसे- जनवरी, फरवरी, मार्च, अप्रैल, मई आदि के नाम लेने लगते हैं। लेकिन ये सब नाम अंग्रेजी कैलेंडर के हैं। तो अब बात आती है कि भारतीय (हिंदी) कैलेंडर के अनुसार महीनों के नाम क्या हैं?

sanskrit mein mahinon ke naam
sanskrit mein mahinon ke naam

हिंदी कैलेंडर में भी 12 महीने होते हैं, प्रत्येक महीने में 15 दिन के दो पक्ष होते हैं मतलब की एक महीने में 2 पक्ष होते हैं। यहाँ से आप दिनों के नाम संस्कृत में पढ़ सकते हैं

  1. शुक्ल पक्ष 
  2. कृष्ण पक्ष 


mahinon ke naam sanskrit mein | संस्कृत में महीनों के नाम

इस प्रकार से कैलेंडर को हिंदी में पञ्चाङ्ग कहते हैं, की शुरूआत चैत्र माह से होती है। इसमें एक दिन को एक तिथि कहा जाता है, जो पञ्चाङ्ग के आधार पर उन्नीस घंटे से लेकर चौबीस घंटे तक होती है।  चंद्र मास में 30 तिथियां होती हैं, जो दो पक्षों में विभाजित होती हैं।  शुक्ल पक्ष में एक से चौदह तक और उसके बाद पूर्णिमा आती है।  इस प्रकार पूर्णिमा सहित पूरी पंद्रह तिथि होती है।  कृष्ण पक्ष में भी एक से चौदह तक और फिर अमावस्या आती है।  इस प्रकार अमावस्या सहित पंद्रह तिथि होती हैं। 


12 महीनों के नाम संस्कृत में | Mahino Ke Naam Sanskrit Mein

इस प्रकार 12 मास का एक वर्ष और 7 दिन का एक सप्ताह रखने का प्रचलन विक्रम संवत से शुरू हुआ। प्रायः माना जाता है कि विक्रमी संवत् का आरम्भ 57 ई.पू. में हुआ था। (विक्रमी संवत् = ईस्वी सन् + 57)। हिंदी महिना चैत्र मास से शुरू होकर फाल्गुन में ख़तम होता है। महीने का हिसाब सूर्य व चंद्रमा की गति पर रखा जाता है। 

आइये अब हम भारतीय पंचांग के अनुसार महीनों के नाम पढ़ते हैं और chart की सहायता से महीनों के नाम Sanskrit , हिंदी और English समझते हैं।


mahinon ke naam in sanskrit

यहाँ पर हमने हिंदी महीनों के नाम संस्कृत में और अंग्रेजी महीनों के नाम का chart list दिया है।

महीनों के नाम संस्कृत में अंग्रेजी महीनों के नाम
चैत: मार्च-अप्रैल
वैशाख: अप्रैल-मई
ज्येष्ठ: मई-जून
आषाढ़: जून-जुलाई
श्रावण: जुलाई-अगस्त
भाद्रपद: अगस्त-सितम्बर
आश्विन: सितम्बर-अक्टूबर
कार्तिक: अक्टूबर-नवम्बर
मार्गशीर्ष: नवम्बर-दिसम्बर
पौष: दिसम्बर-जनवरी
माघ: जनवरी-फरवरी
फाल्गुन: फरवरी-मार्च


अंग्रेजी और हिंदी महीनों के नाम

हिंदी महिना चैत्र मास से शुरू होकर फाल्गुन में ख़तम होता है। महीने का हिसाब सूर्य व चंद्रमा की गति पर रखा जाता है। इसलिए हमने यहाँ पर अंग्रेजी और हिंदी महीनों के नाम का chart list प्रकाशित किया है। 
अंग्रेजी महीनों के नामहिंदी महीनों के नाम
जनवरीमाघ
फरवरीफाल्गुन
मार्चचैत या चैत्र
अप्रैलवैशाख
मईज्येष्ठ
जूनआषाढ़
जुलाईश्रावण या सावन
अगस्तभाद्रपद या भादों
सितम्बरआश्विन
अक्टूबरकार्तिक
नवम्बरमार्गशीर्ष
दिसंबरपौष

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Mahino ke Naam Sanskrit Mein

उपरोक्त चार्ट में हिंदी महीनों के नाम और अंग्रेजी महीनों के नाम पढ़ लिए अब हम महीनों के नाम संस्कृत और हिंदी में पढेंगे।
महीनों के नाम संस्कृत मेंमहीनों के नाम हिंदी में
चैत:चैत
वैशाख:वैशाख
ज्येष्ठ:ज्येष्ठ
आषाढ़:आषाढ़
श्रावण:श्रावण (सावन)
भाद्रपद:भाद्रपद (भादों)
आश्विन:आश्विन (कुंवार)
कार्तिक:कार्तिक
मार्गशीर्ष:मार्गशीर्ष (अगहन)
पौष:पौष (पूस)
माघ:माघ
फाल्गुन:फाल्गुन

Sanskrit Mein Mahino Ke Naam से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्न

Q. महीने को संस्कृत में क्या कहते हैं।
उत्तर:- संस्कृत में महीने को मास: या मासक: या श्राम: कहते हैं।

Q. भारत का राष्ट्रीय कैलेंडर किस वर्ष पर आधारित है?  उत्तर:- भारत का राष्ट्रीय कलैण्डर शक संवत पर आधारित है।

Q. जनवरी को संस्कृत में क्या कहते हैं?
उत्तर:- जनवरी को संस्कृत में माघ: कहते हैं।

Q. शक संवत का पहला महीना कौन सा है?  
उत्तर: चैत्र शक संवत का पहला महीना है।  

Q. फरवरी को संस्कृत में क्या कहते हैं?
उत्तर:- जनवरी को संस्कृत में फाल्गुन: कहते हैं।

Q. शक संवत का दूसरा महीना कौन सा है?  
उत्तर: शक संवत का दूसरा महीना बैसाख है।  

Q. मार्च को संस्कृत में क्या कहते हैं?
उत्तर:- जनवरी को संस्कृत में चैत्र: (चैत:) कहते हैं।

Q. शक संवत का तीसरा महीना कौन सा है?  
उत्तर:- शक संवत का तीसरा महीना ज्येष्ठ है।

Q. हिंदी कैलेंडर में कौन-कौन से महीने होते हैं?  
उत्तर:- हिंदी कैलेंडर में 12 मास(महीने) होते है। जो क्रमशः चैत्र, वैशाख, ज्येष्ठ, आषाढ़, श्रवण, भाद्रपक्ष (भादव), अश्विन, कार्तिक, मार्गशीर्ष, पौष, माघ और फाल्गुन हैं।  

Q. शक संवत का आखिरी महीना कौन सा है?  
उत्तर:- शक संवत का अंतिम मास फाल्गुन है।  

निष्कर्ष-

आशा है कि इस लेख में दी गयी जानकारी महीनों के नाम संस्कृत में आपको पसंद आई होगी। और अब आप लोग Sanskrit Mein Mahinon Ke Naam समझ गए होंगे।

यह लेख आपको पसंद आई हो तो दोस्तो के साथ शेयर करें। यदि आपको किसी प्रकार की समस्या या सुझाव हो तो आप स्वतंत्र रूप से से Comment Box में पूछ सकते हैं।

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